कमीना compleet

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rajaarkey
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Re: कमीना

Unread post by rajaarkey » 06 Nov 2014 13:07

रवि अचानक पायल की चूत से अपना मुँह हटा कर उसे छोड़ता हुआ बैठ कर उसको देखने लगता है, उसकी इस हरकत पर पायल एक दम से रवि की ओर देखती है और रवि को मुस्कुराता हुआ देख कर अपने चेहरे को अपने हाथो से छुपा लेती है, रवि बिल्कुल शांत बैठा हुआ पायल को मुस्कुराता हुआ देखता रहता है और जब वह कुछ नही करता तो पायल अपने चेहरे से अपना हाथ हटाकर रवि को एक बार फिर देखती है और जब उसकी नज़र अपने भाई से मिलती है तो वह मुस्कुरा कर करवट ले कर अपने मुँह को तकिये से छुपा लेती है, रवि के सामने पायल की पेंटी मे कसी गदराई गान्ड आ जाती है और रवि एक दम से पायल की पेंटी के एलास्टिक मे अपनी उंगलिया फसा कर उसकी पेंटी को उसकी मोटी गान्ड से नीचे खिसका देता है और पायल क़ी

गान्ड पूरी उसके सामने नंगी हो जाती है, रवि अपनी दीदी के मस्त भरे हुए गदराए चुतडो को देख कर सीधे अपना मुँह

उसके चुतडो मे भर देता है और पागलो की तरह अपनी दीदी के भारी-भारी फैले हुए चुतडो को अपने मुँह से चूमने

लगता है, रवि अपनी दीदी की नंगी गान्ड के पास बैठ कर उसकी गदराई गान्ड को देख कर पागल हो जाता है और अपनी दीदी के मोटे चुतडो को अपने हाथ से फैलाकर उसके चुतडो की दरार मे अपना मुँह डाल कर उसकी गुदा को पागलो की तरह चूमने और चाटने लगता है पायल अपनी मुत्ठियो से चादर को पकड़े हुए बुरी तरह सीसियाती हुई अपनी मोटी गान्ड अपने भाई से चटवाने लगती है,

तभी रवि पायल की पेंटी को पूरी उसके परो से अलग कर देता है और अपनी दीदी को पूरी नंगी कर देता है और पायल को सीधा लिटा देता है तो पायल अपने मुँह को अपने हाथो से छुपा लेती है, रवि अपनी दीदी की चिकनी फूली हुई गदराई चूत को देखते ही अपना मुँह उसमे भर कर उसकी चूत को चूमने लगता है और पायल सीसीयाने लगती है,

रवि- हाय दीदी तुम्हारी चूत कितनी खूबसूरत है, उसकी बात सुनकर पायल मुस्कुरा कर उसकी छाती मे लात मारती है और रवि उसकी टॅंगो को पकड़ कर उपर की ओर मोड़ कर जब अपनी दीदी की फटी हुई गुलाबी चूत और गदराई फूली हुई चूत की फांको को देखता है तो अपने होंठ खोल कर अपना मुँह सीधा अपनी दीदी की चूत मे भर कर उसे खूब कस-कस कर चाटने लगता है

और पायल आह, आह, आह रवि प्लीज़ छोड़ दे आह रवि आह आह करने लगती है, रवि अपनी दीदी की रसीली बुर को उपर से लेकर नीचे तक चाटने लगता है और उसके रस को उसकी चूत के गुलाबी छेद मे जीभ डाल-डाल कर चूसने लगता है, रवि की इस भयानक चुसाइ से पायल जल बिन मछली की तरह तड़पने लगती है, और उसकी मोटी गान्ड हरकत मे आकर हिलने लग जाती है

रवि अपनी दीदी की रसीली बुर को चाट-चाट कर लाल करने लगता है, जब पायल ज़ोर-ज़ोर से सीसीयाने लगती है और कहने लगती है

आह रवि आह, रवि प्लीज़ रवि आह रवि मे मर जाउन्गि आह,आह प्लीज़ रवि और ज़ोर से आह आह ओह ओह रवि प्लीज़ आह,

पायल की ऐसी स्थिति देख कर रवि मुस्कुरा देता है और एक दम से पायल को छोड़ कर बेड से नीचे उतरने लगता है, पायल उसको इस तरह अचानक उतरते देख कर उसका हाथ पकड़ते हुए

पायल- कहाँ जा रहा है, पायल का चेहरा उस समय वासना की आग मे लाल हो रहा था

रवि- नही दीदी यह ग़लत है

पायल- उसको मुक्का मारती हुई, कुछ ग़लत नही है और उसको अपनी ओर खीच कर अपनी चूत की ओर धकेलने की कोशिश करती है,

रवि वापस खड़ा होता हुआ, नही दीदी मे तुम्हारे साथ ऐसा नही कर सकता

पायल- गुस्से से लाल होती हुई उसको उठ कर मारते हुए, कमिने यह सब पहले सोचना था अब तू मुझे छोड़ कर नही जा

सकता और उठ कर उससे कस कर चिपक जाती है, और रवि को पागलो की तरह चूमने लगती है, रवि खड़ा-खड़ा ही अपनी दीदी को अपने सीने से चिपका लेता है और

रवि- मुस्कुराता हुआ उसको अपनी बाँहो मे भर कर, क्या तुम अपने भाई से अपनी चूत मर्वओगि

पायल- हाँ

रवि- उसके मोटे-मोटे पके आमो को दबाता हुआ, क्या तुम्हे बहुत अच्छा लग रहा है

पायल- हाँ

रवि- अपने हाथ को उसकी चूत के उपर ले जाकर उसकी चूत की फांको मे अपनी उंगली को रगड़ते हुए, क्या तुम मुझसे अपनी चूत चटवाना चाहती हो

पायल- हू

रवि- उसका चेहरा अपने हाथो से थाम कर उपर उठाता है और पायल अपनी आँखे खोल कर उसको देखती है, रवि उसकी बुर

को अपने हाथो से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठो को जैसे ही चूमने के लिए अपने होंठ आगे बढ़ाता है पायल अपनी

आँखे बंद कर लेती है और रवि उसके होंठो को चूम कर अपने मुँह को उसके कान के पास ले जाकर,

रवि-दीदी मेरे मुँह के उपर बैठोगी, पायल उसकी बात सुन कर उससे खूब कस कर चिपक जाती है और रवि उसके शर्ट के बटन खोल कर उसको पूरी नंगी कर देता है तब पायल भी रवि की शर्ट को उतार देती है और जब रवि अपनी दीदी के नंगे गदराए दूध को अपनी नंगी छाती से चिपकता है तो उसे ऐसा लगता है जैसे यह पल यही ठहर जाए, वह एहसास दोनो को इतना मज़ा देता है कि दो मिनिट तक दोनो अपने नंगे जिस्म को एक दूसरे से चिपकाए खड़े रहते है, उसके बाद रवि बेड पर बैठ कर सीधा लेट जाता है और पायल की एक टांग पकड़ कर अपने उपर चढ़ा लेता है और पायल की मोटी गदराई गान्ड को पकड़ कर अपनी ओर खींच कर उसकी फूली हुई चूत को अपने मुँह मे रख कर उसकी चूत को कस-कस कर चूसने लगता है

और पायल पागलो की तरह अपने भाई के मुँह के उपर अपनी चूत धर कर रगड़ने लगती है

रवि अपनी दीदी की चूत की फांको को खूब फैला-फैला कर चाटने लगता है, अपने हाथ अपनी दीदी की मोटी चुचियो पर ले

जाकर उसे दबाने लगता है लगभग 20 मिनिट तक रवि अपनी दीदी की चूत को चाट-चाट कर लाल कर देता है और पायल उसके मुँह पर ही झाड़ जाती है, और फिर पायल हाँफती हुई रवि के साइड मे आकर लेट जाती है और रवि भी उसकी ओर मुस्कुरा कर देखने लगता है, दो मिनिट बाद रवि पायल से फिर से चिपक कर उसके दूध को कस कर दबाते हुए उसके रसीले होंठो को चूम लेता है तो पायल अपनी आँखे खोल देती है.

क्रमशः.........................


rajaarkey
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Re: कमीना

Unread post by rajaarkey » 06 Nov 2014 13:18

KAMINA--15

gataank se aage.............................

ravi- didi

payal- hu

ravi- muskura kar didi bhaiya aur bhabhi abhi kya kar rahe honge

payal- muskura kar mujhe nahi malum, aur apne man me jaise tu janta hi nahi hai ki bhaiya bhabhi ki chut mar rahe

honge

ravi- muskura kar, me batau

payal- usko thoda muskura kar apni aankhe dikhati hui tu phir shuru ho gaya,

ravi- muskuraate hue achcha nahi bolta par ek bat to bataao

payal- kya

ravi- didi tum roj bathroom me puri nangi hokar kyo nahati ho

payal- uski bat sun kar ashcharya se use aankhe phad kar dekhti hui, kya matlab, tujhe kaise malum ki me

ravi- payal ki kamar me hath rakh kar dhire se uski gadaraai gaanD ko sahlata hua, didi tum nahi janti par tum mujhe nangi

itni achchi lagti ho ki kya batau, jab bhi tum nahati ho me tumhe roj nangi dekhta hu,

payal- ravi ki bat sun kar usko ek mukka marti hui, kamina kahi ka, tujhe sharm nahi aati apni bahan ko nangi nahate

hye dekhne me

ravi- didi tumhari jaisi apsara ko me nangi dekhne ke liye sat janam tak intjar kar sakta hu, sach me didi tumhara pura

jism bahut sexy hai, aur payal ki kamar ko apne hatho se sahlane lagta hai

payal- ravi ki bat sun kar payal ka chehra surkh lal ho jata hai aur vah, ravi tu bahut bada kamina hai

ravi- didi ek bar mujhse chipak jaao na me kasam se kuch bhi nahi karunga

payal- muskura kar nahi

ravi- didi please sirf mere pas chipak kar let jaao

payal ki chut ravi ki bato se garma rahi thi uska bhi man ravi se chipakne ka kar raha tha lekin vah himmat nahi kar pa

rahi thi, uski moti-moti gadaraai chuchiya usko pareshan kar rahi thi aur kah rahi thi ki mujhe khub kas-kas kar masal de

aaj chod hi de apni bahan ko, tera mota lund kitna tagda hai, meri chut to phad hi dega

ravi- didi kya soch rahi ho

payal- kuch nahi

ravi- didi achcha thoda sa pas to aa jaao aur uske gal par apne hath se sahlane lagta hai,

payal- ki rasili bur ravi ke is kamuk andaj se ras chodane lagti hai aur vah ravi dwara apne galo ko sahlane se apni aankhe

band kar leti hai, ravi moka dekh kar payal ke thoda karib aa jata hai, payal ki sanse tej hone lagti hai, ravi payal ko

thoda apni aur khich kar uske chehre ko apne chehre ke bilkul karib kar leta hai, payal ki tej sanse ravi ke chehre se

takrane lagti hai,

ravi- didi aankhe kholo na kya abhi se sone lagi

payal jaise hi aankhe kholti hai ravi ko apne itne karib dekh kar phir aankhe band kar leti hai

ravi- didi meri taraf dekho na

payal- apni aankhe khol kar ravi ki aur dekhne lagti hai uske honth ravi ke hontho se itne karib the ki lagta tha abhi chu

jayege. ravi payal ki kamar aur moti gadaraai gaanD ko apne halke hatho se bade pyar se sahlata rahta hai aur apni aankho

se payal ki aankho me dekhta rahta hai, payal ka chehra ek dam kamuk najar aane lagta hai,

ravi- payal ko dekhta hua didi tumhare honth kitne khubsurat hai bilkul gulab ki pankhudiyo ki tarah dikhai dete hai

payal uski bato ko uski aankho me dekhti hui bade dhyan se sun rahi thi lekin koi jawab nahi de pa rahi thi, payal ko

ravi ki baate bahut achchi lag rahi thi aur uska dil kar raha tha ki vah ravi se kas kar apne doodh ko chipka le lekin uski

himmat nahi pad rahi thi,

ravi- didi pata nahi kaun kismat wala hoga jo tumhare in rasile hontho ka ras piyega

payal- muskura kar ravi ke chehre ko thoda piche dhakelte hue koi piyega ya nahi par tu abhi apni bahan ke hontho ka

ras pine ke liye mara ja raha hai,

ravi- didi tum bahut kathor ho tumhe apne bhai par jara bhi daya nahi aati hai, bas ek bar hi sahi mujhe bhi pila do apne

in rasile hontho ka ras

payal- muskuraate hue use dhakka marti hui jab teri bibi aa jayegi to uske hontho ka ras pina,

ravi- didi vah tumhari tarah itni khubsurat thode hogi, agar tum mujhe mil jaao to kuch bat hi alag hogi,

payal- use muskura kar dekhti hui, kyo apni bahan ko hasil karna chahta hai

ravi- didi koi to rasta hoga tumhe hasil karne ka

payal -muskura kar koi rasta nahi hai

ravi- achcha thik hai, meri kismat me shayad tumhe pyar karna likha hi nahi hai, is janam me, me tumhe nahi pa saka

to kya hua, me malik se dua karunga ki agale janam me vah tumhe bibi banakar bheje, aur apni aankhe band karke let

jata hai.

payal- muskurati hui use dekhne lagti hai, ravi apni aankhe band kiye kaphi der tak pada rahta hai aur payal apni aankhe

khole uske chehre ko dekhti hui muskurati rahti hai, jab bahut der tak ravi apni aankhe nahi kholta hai to payal dhire se

apne hath ko uske sar par rakh kar uske balo me apni ungliya chalane lagti hai, aur apne man me sochti hui, kamine tu

bhi bada handsome hai tabhi to ladkiya tujhse turant phas jati hai, payal ko ravi par pyar aa raha tha aur vah uske sar ko

sahlati hui uske galo ko sahlane lagi, aur dhire se ravi so gaya kya, ravi jag raha tha lekin usne apni ankhe band rakhi

aur koi reply nahi kiya, payal ne ek bar aur use thoda hila kar ravi so gaya kya, ravi chupchap pada raha, payal ravi ko

thodi der dekhti rahi phir jab usse raha nahi gaya to usne dhire se apne chehre ko aage le jakar ravi ke mathe par kiss

kar diya, aur phir ravi ko dekhne lagi lekin uska man nahi bhara aur is bar payal jo karne ka soch rahi thi uski vajah se

uska dil tej-tej dhadkne laga, vah apne chehre ko aage le jati hai aur phir apne hontho ko dhire se ravi ke hontho par

rakh kar ek gahra chumban leti hai, jab payal ravi ke hontho par apne honth rakh deti hai to uski chut puri gili ho jati hai

aur use ek ajeeb se anand ki anubhuti hoti hai,

payal apne aap ko rok nahi pati hai aur uske jism se apne gadaraaye jism ko puri tarah chipka kar ravi ke hontho par phir se

apne rasile hontho ko rakh deti hai aur uska garam jism puri tarah ravi se sata leti hai uski chut ki nase kudne lagti hai

aur uski chut ka khada hua dana aur jyada tan kar phadkane lagta hai, payal ke doodh ke mote-mote nippal bilkul kade

hokar tan jate hai, payal dhire-dhire ravi ke hontho ko apne hontho se bar-bar dabati hai phir hatati hai aur phir apne

hontho se daba leti hai, ravi ki nak me uski didi ke gadaraaye jism ki madak khusboo bahut uttejna peda kar deti hai aur

use apni didi dwara ki gai harkat se bahut jyada sukun milta hai vah chupchap sone ki acting karte hue leta rahta hai,

kuch der bad payal se raha nahi jata hai aur vah darte hue lekin himmat karke ravi ke hath ko pakad kar apni moti-moti

tani hui gadaraai chuchiyo par dhire se rakh deti hai aur phir ravi ke hath ke piche apna hath le jakar uske hath ko apne

doodh par dhire-dhire dabane lagti hai aur phir se ravi ke haontho par apne rasile honth rakh kar dabane lagti hai, ravi

uski is harkat se pagal ho jata hai aur sone ki acting karte hue apni ek tang ko utha kar payal ki kamar me daal kar usse

kas kar chipak jata hai aur payal apne bhai ki banho me kas jati hai aur ab usse raha nahi jata hai aur vah apne bhai se

jor se chipak jati hai aur uske hontho ko chumne lagti hai, uske dono mote-mote doodh ravi ki chati se kas kar dabe hue

the aur ravi ne uski kamar me hath daale hue uski jangho aur moti gaanD ko apne per ko daal kar kas rakha tha,

payal puri gili ho chuki thi aur ravi uski sthiti ko samajh gaya tha aur usne moke ka phayda uthate hue payal ko kas kar

apne sine se lagate hue uske rasile hontho ko apne munh me bhar kar chusna chalu kar diya, payal yah jan kar ki ravi

jag gaya hai usse chutne ki koshish karne lagi lekin ravi ne apni didi ke gadaraaye kase hue doodh ko badi berahmi se

masalna shuru kar diya aur payal uski is harkat se tadap gai, aah ravi chod ye kya kar raha hai

ravi- didi ab mujhe mat roko aaj me tumhari gadaraai jawani ka sara ras pi lena chahta hu

payal- aah, aah ravi ye galat hai please chod de mujhe

ravi- ab kya galat hai aur kya sahi me kuch nahi janta aur payal ki skirt utha kar sidhe uski gaanD ke upar hath le jakar

uski penty ke andar hath daal kar uski gadaraai gaanD ke ched me hath ki ungliya kas kar use apni aur khich leta hai, uski is

harkat se payal sihar jati hai, ravi payal ke mote-mote gadaraaye chutaDo ko apne hath se berahmi se dabane lagta hai aur

dusre hath se payal ki kasi hui chuchiyo ko jor-jor se masalne lagta hai, payal usse chutne ki koshish karti hai lekin ravi

ki pakad kaphi majboot hoti hai aur payal ke hath per dhile pad jate hai, ravi achanak payak ke upar chadh jata hai aur

uske gadaraaye tane hue doodh ko apne dono hatho me bhar kar buri tarah dabaate hue masalne lagta hai aur apne

hontho se payal ke rasile hontho ko chusne lagta hai, payal tadap kar rah jati hai aur uska virodh khatam ho jata hai aur

uski chut pani-pani ho jati hai, uska chehra pura lal ho jata hai aur uski ankhe band ho jati hai, tabhi ravi achanak apna

ek hath niche le jakar payal ki penty me hath daal kar uski phuli hui gadaraai chut ko apni hatheli ke panjo se pakad kar

buri tarah kas leta hai aur payal aah karte hue bekabu ho jati hai, payal kuch samajh pati usse pahle hi ravi uth kar apni

didi ki dono jangho ko pakad kar phaila deta hai aur apne munh ko sidhe uski chut me penty ke upar se hi rakh kar daba

leta hai, payal apni jangho ko chipakane ki koshish karti hai lekin ravi uski penty me kasi phuli hui chut ki madak

khusboo leta hua uski chut ko paglo ki tarah apne munh se dabane lagta hai,

ravi achanak payal ki chut se apna munh hata kar use chodata hua baith kar usko dekhne lagta hai, uski is harkat par payal

ek dam se ravi ki aur dekhti hai aur ravi ko muskurata hua dekh kar apne chehre ko apne hatho se chupa leti hai, ravi

bilkul shant baitha hua payal ko muskurata hua dekhta rahta hai aur jab vah kuch nahi karta to payal apne chehre se

apna hath hatakar ravi ko ek bar phir dekhti hai aur jab uski najar apne bhai se milti hai to vah muskura kar karwat le

kar apne munh ko takiye se chupa leti hai, ravi ke samne payal ki penty me kasi gadaraai gaanD aa jati hai aur ravi ek dam se

payal ki penty ke elastic me apni ungliya phasa kar uski penty ko uski moti gaanD se niche khaska deta hai aur paya ki

gaanD puri uske samne nangi ho jati hai, ravi apni didi ke mast bhare hue gadaraaye chutaDo ko dekh kar sidhe apna munh

uske chutaDo me bhar deta hai aur paglo ki tarah apni didi ke bhari-bhari phaile hue chutaDo ko apne munh se chumne

lagta hai, ravi apni didi ki nangi gaanD ke pas baith kar uski gadaraai gaanD ko dekh kar pagal ho jata hai aur apni didi ke

mote chutaDo ko apne hath se phailakar uske chutaDo ki darar me apna munh daal kar uski guda ko paglo ki tarah chumne

aur chatne lagta hai payal apni mutthiyo se chadar ko pakde hue buri tarah sisyati hui apni moti gaanD apne bhai se

chatwane lagti hai,

tabhi ravi payal ki penty ko puri uske pero se alag kar deta hai aur apni didi ko puri nangi kar deta hai aur payal ko sidha

lita deta hai to payal apne munh ko apne haatho se chupa leti hai, ravi apni didi ki chikni phuli hui gadaraai chut ko dekhte

hi apna munh usme bhar kar uski chut ko chumne lagta hai aur payal sisiyane lagti hai,

ravi- hay didi tumhari chut kitni khubsurat hai, uski bat sunkar payal muskura kar uski chati me lat marti hai aur ravi

uski tango ko pakad kar upar ki aur mod kar jab apni didi ki phati hui gulabi chut aur gadaraai phuli hui chut ki phanko ko

dekhta hai to apne honth khol kar apna munh sidha apni didi ki chut me bhar kar use khub kas-kas kar chatne lagta hai

aur payal aah, aah, aah ravi please chod de aah ravi aah aah karne lagti hai, ravi apni didi ki rasili bur ko upar se lekar

niche tak chatne lagta hai aur uske ras ko uski chut ke gulabi ched me jeebh daal-daal kar chusne lagta hai, ravi ki is

bhayanak chusai se payal jal bin machali ki tarah tadpne lagti hai, aur uski moti gaanD harkat me aakar hilne lag jati hai

ravi apni didi ki rasili bur ko chat-chat kar lal karne lagta hai, jab payal jor-jor se sisiyane lagti hai aur kahne lagti hai

aah ravi aah, ravi please ravi aah ravi me mar jaungi aah,aah please ravi aur jor se aah aah oh oh ravi please aah,

payal ki aisi sthiti dekh kar ravi muskura deta hai aur ek dam se payal ko chod kar bed se niche utarne lagta hai, payal

usko is tarah achanak utarte dekh kar uska hath pakdte hue

payal- kaha ja raha hai, payal ka chehra us samay vasna ki aag me lal ho raha tha

ravi- nahi didi yah galat hai

payal- usko mukka marti hui, kuch galat nahi hai aur usko apni aur khich kar apni chut ki aur dhakelne ki koshish karti

hai,

ravi vapas khada hota hua, nahi didi me tumhare sath aisa nahi kar sakta

payal- gusse se lal hoti hui usko uth kar marte hue, kamine yah sab pahle sochna tha ab tu mujhe chod kar nahi ja

sakta aur uth kar usse kas kar chipak jati hai, aur ravi ko paglo ki tarah chumne lagti hai, ravi khada-khada hi apni didi

ko apne sine se chipka leta hai aur

ravi- muskurata hua usko apni banho me bhar kar, kya tum apne bhai se apni chut marwaogi

payal- ha

ravi- uske mote-mote pake aamo ko dabata hua, kya tumhe bahut achcha lag raha hai

payal- ha

ravi- apne hath ko uski chut ke upar le jakar uski chut ki pahnko me apni ungli ko ragadte hue, kya tum mujhse apni

chut chatwana chahti ho

payal- hu

ravi- uska chehra apne hatho se tham kar upar uthata hai aur payal apni aankhe khol kar usko dekhti hai, ravi uski bur

ko apne hatho se sahlata hua uske rasile hontho ko jaise hi chumne ke liye apne honth aage badhata hai payal apni

aankhe band kar leti hai aur ravi uske hontho ko chum kar apne munh ko uske kan ke pas le jakar,

ravi-didi mere munh ke upar baithogi, payal uski bat sun kar usse khub kas kar chipak jati hai aur ravi uske shirt ke batan

khol kar usko puri nangi kar deta hai tab payal bhi ravi ki shirt ko utar deti hai aur jab ravi apni didi ke nange gadaraaye

doodh ko apni nangi chati se chipkata hai to use aisa lagta hai jaise yah pal yahi thahar jaye, vah ehsas dono ko itna

maza deta hai ki do minute tak dono apne nange jism ko ek dusre se chipkaye khade rahte hai, uske bad ravi bed par

baith kar sidha let jata hai aur payal ki ek tang pakad kar apne upar chadha leta hai aur payal ki moti gadaraai gaanD ko

pakad kar apni aur khinch kar uski phuli hui chut ko apne munh me rakh kar uski chut ko kas-kas kar chusne lagta hai

aur payal paglo ki tarah apne bhai ke munh ke upar apni chut dhar kar ragdne lagti hai

ravi apni didi ki chut ki phanko ko khub phaila-phaila kar chatne lagta hai, apne hath apni didi ki moti chuchiyo par le

jakar use dabane lagta hai lagbhag 20 minute tak ravi apni didi ki chut ko chat-chat kar lal kar deta hai aur payal uske

munh par hi jhad jati hai, aur phir payal hafti hui ravi ke side me aakar let jati hai aur ravi bhi uski aur muskura kar

dekhne lagta hai, do minute bad ravi payal se phir se chipak kar uske doodh ko kas kar dabaate hue uske rasile hontho ko

chum leta hai to payal apni aankhe khol deti hai.

kramashah.........................


rajaarkey
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Re: कमीना

Unread post by rajaarkey » 08 Nov 2014 08:52

कमीना--16

गतान्क से आगे.............................

रवि- पायल की फूली हुई चूत मे हाथ फेरता हुआ, दीदी मुझसे अपनी चूत मर्वओगि, मुझे आपकी चूत बहुत अच्छी लगती

है

पायल- उसे प्यार से देखती हुई, झूठ मत बोल तुझे तो हर औरत की चूत अच्छी लगती है, तू तो हर औरत को चोदने की नज़र से देखता है, बोल मे सही कह रही हू ना

रवि- पायल के मुँह को चूमते हुए, माइ स्वीट दीदी तुम अपने भाई के बारे मे कितना जानती हो

पायल- अच्छा सच-सच बता तू और किसकी चूत मारना चाहता है

रवि- उसकी चूत को अपने हाथो से दबोचता हुआ, सबसे पहले तो तुम्हारी ही चूत मारना चाहता हू

पायल- और सोनिया को भी चोदना चाहता है ना

रवि- पायल का मुँह चूमते हुए हाँ

पायल- और तू भाभी को भी नंगी देखने के लिए मरा जा रहा है ना

रवि- पायल को खीच कर उसके मोटे-मोटे दूध को कस कर दबोचता हुआ, हाँ दीदी भाभी की गदराई जवानी जब से देखी है

मेरा लंड उसके नाम पर बहुत खड़ा होने लगा है

पायल- उसके तने लंड को पेंट के उपर से मसल्ते हुए जब छूती है तो उसके मुँह से बाप रे निकल जाता है

रवि- दीदी खोल कर देखो ना और रवि अपनी पेंट उतार देता है और जब अपने लंड को बाहर निकालता है तो पायल अपनी आँखे फाडे हुए उसके मोटे लंड को देखने लगती है

रवि- पायल का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख देता है और उसे अपनी बाँहो मे भर कर उसके रसीले होंठो को

बेतहाशा चूमने लगता है, पायल रवि के मोटे लंड को अपने हाथो से दबा-दबा कर उसकी लंबाई और चौड़ाई का जयजा

लेने लगती है और उसकी चूत मे पानी आ जाता है और वह रवि के लंड को अपने हाथो से कस कर भींच लेती है

रवि- दीदी कैसा है मेरा लंड

पायल- बहुत मोटा है

रवि- अपनी दीदी की चूत को कस कर अपनी हथेलियो मे दबोचते हुए, दीदी तुम बहुत दिनो से मेरा लंड अपनी चूत मे लेने

के लिए तड़प रही हो ना

पायल- उसके मोटे लंड को भिचते हुए तू भी मेरी चूत मारने के लिए मरा जा रहा है ना

रवि- हाँ दीदी मे तो तुम्हे ना जाने कब से नंगी करके चोदने के लिए तड़प रहा हू

पायल- तू बड़ा कमीना है, तू भाभी को भी चोदना चाहता है ना,

रवि- हाँ दीदी पर भाभी को तो मेने अभी तक नंगी नही देखा लेकिन जब से तुम्हारी इस गदराई गान्ड को नंगी देखा है मे

इसके लिए पागल हू और रवि पायल की मस्तानी गदराई गान्ड को अपने हाथो से कस-कस कर मसल्ने लगता है

पायल रवि के आंड को अपने हाथो से सहलाने लगती है तभी रवि उठ कर पायल की जाँघो को फैला कर उसकी चूत मे अपना मुँह रख देता है और पायल सीसियाते हुए अपने भाई के मोटे लंड को अपने हाथो मे जाकड़ कर उसको अपने मुँह मे भर लेती है और दोनो एक दूसरे की चूत और लंड को पागलो की तरह चाटने लगते है, रवि अपनी दीदी की फूली हुई चूत की फांको को अपने हाथो से खूब फैला-फैला कर चाटने लगता है और उसकी चूत के गुलाबी छेद मे अपनी जीभ डाल देता है पायल उसके आंड्को को अपने हाथो मे भरती हुई उसके लंड के टोपे को अपने मुँह मे भर कर कस कर चूसने लगती है, कुछ देर बाद दोनो उठ कर एक दूसरे की आँखो मे देखते है और रवि पायल को खीच कर अपने गोद मे चढ़ा लेता है और पायल पूरी नंगी अपने भाई से कस कर चिपक जाती है, रवि पायल के गालो को अपने हाथो से सहलाता हुआ उसके रसीले होंठो को चूस्ता है और पायल की चूत की फांको के बीच रवि का लंड हरकत करता रहता है

रवि- दीदी आज हमारे घर मे दो-दो सुहागरात एक साथ मनाई जा रही है, आज दो-दो कुवरीयो की सील एक साथ टूटेगी

पायल- सीसियाती हुई, रवि अब मुझसे सहा नही जा रहा है मुझे चोद ना

रवि- पायल की बात सुन कर मुस्कुराता हुआ क्या दीदी

पायल- उसको मुक्का मारती हुई, उसको मुस्कुरा कर देखती है, तुझे एक बार मे समझ नही आता क्या

रवि- एक बार और कहो ना क्या कह रही थी

पायल- मुस्कुरा कर रवि के होंठो को चूमते हुए, अपनी दीदी को कस कर चोद दे भैया, फाड़ दे अपनी दीदी की चूत को

रवि- पायल के मुँह से यह सुन कर उसे अपनी बाँहो मे भर कर कस कर उसके मोटे-मोटे दूध को मसलता हुआ उसके रसीले होंठो को चूमने लगता है और पायल उसके लंड को अपनी मोटी गदराई गान्ड उठा कर अड्जस्ट करने लगती है